Monday, August 25, 2008

वफ़ा पे उनकी न इतना गुरुर कर,


वफ़ा पे उनकी न इतना गुरुर कर,
अगर वो बेफावा निकले तो टूट जाएगा,
हसीनो की तो आदात है बेवफाई की,
वफ़ा तो बस एक अदा है दिल लगाने की,
बेफवाई तो उनकी हस्ती में एक सितारा जोड़ जाएगी,
तेरी हस्ती का तो नामोनिशान ही मिट जाएगा,
तू तो जिंदगी भर सोचता रहेगा की क्या मजबूरियां रही की वो बेवफा निकले,
कुछ मजबूरियां तो तेरी भी तो रही होंगी.......!!!!
जब तुने वफ़ा की तो वो क्यों बेवफा निकले .......

सचिन जैन

2 comments:

prabhakar said...

सबकी अपनी बेवफ़ाई के किस्से

pallavi trivedi said...

achchi koshish hai...keep it up.