my writings

Wednesday, September 02, 2009

A thought

Sometime people says your Dream are too big to fulfill and that time I usually smile and say but my potential is bigger then the dreams......

Thursday, May 28, 2009

आसान होता है अक्सर शब्दों में उलझा देना

आसान होता है अक्सर शब्दों में उलझा देना,
शब्दों से अपने को बढ-चदकर दिखला जाना,
शब्दों की अहमयि़त को ना हर कोई समझ पाता,
खुद को समझाने को वो एक जंजाल सा बुनता जाता,
लिखने-बोलने को तो कुछ भी कहा जा सकता है,
सही मायनो में शब्द का अर्थ जीवन में अपनाकर आता........

SACHIN JAIN

Tuesday, March 17, 2009

बहार आएंगी मेरे जीवन में एक बार ,

बहार आएंगी मेरे जीवन में एक बार ,
ये दिल भी कभी बेकरार होगा ,
निगाह देख रही हे कबसे रास्ता ,
खत्म एक दिन इनका इन्तेजार होगा ,
गुल एक दिन खुलकर मुस्कराएँगे,
फिजा में समाया इंतना प्यार होगा,
होठ चाहकर भी कुछ ना बोल पाएँगे,
बस आँखों ही आँखों में बैटन का दौर होगा
सचिन जैन

Wednesday, January 28, 2009

मुझको कहाँ ढूंढे रे बन्दे, मैं तो तेरे पास में

मुझको कहाँ ढूंढे रे बन्दे, मैं तो तेरे पास में
ना तीरथ में ना मूरत में, ना एकांत निवास में,
ना मंदिर में ना मस्जिद में, ना काबे कैलाश में,
में तो तेरे पास में बन्दे, में तो तेरे पास में,
बन्दा रे बन्दा रे..............
खोजी होए तुंरत मिल जाऊं, इक पल की तलाश में,
कहेत कबीर सुनो भाई साधो, मैं तो हूँ विश्वास में,
ओ बन्दा रे मैं तो तेरे पास में …

ना मैं जप में ना मैं टाप में, ना व्रत उपवास में,
ना मैं किर्या-कर्म में रहता, नाही जोग सन्यास में,
नाही प्राण में नहीं पिंड में,ना ब्रह्माण्ड आकाश में,
ना मैं प्रकृति प्रवर गुफा में, नाहीं स्वसन की साँस में,
बन्दा रे बन्दा रे

खोजी होए तुंरत मिल जाऊं, इक पल की तलाश में,
कहेत कबीर सुनो भाई साधो, मैं तो हूँ विश्वास में,
ओ बन्दा रे, मैं तो तेरे पास में .........


Though I do not like to post anything which I have not written...............but I can not resist myself of posting these lines.......these are the part of a song in a movie Raaz-The Mystery Continues............I always want to write something of that sort......so posting these...........

Tuesday, January 20, 2009

आया रे लोगो....ओबामा आया रे.....

आया रे लोगो....ओबामा आया रे.....
लाया रे लाया...उम्मीदों का सुनामी लाया रे...
भय का माहौल मिटाने को....
आया रे लोगो....ओबामा आया रे.....

दुनिया को जिन्होंने डराया,
अब उन पर संकट आया रे,
गोरों की दुनिया में लोगो एक काला छाया रे.....
आया रे लोगो....ओबामा आया रे.....

पश्चिम के व्यवसायीकरण दुनिया पर छाया है रे,
कोशिश से तू अपनी, पार अगर ले पाया रे,
दुनिया तुझको पूजेगी और बन जाएगा तू राजा रे,
आया रे लोगो....ओबामा आया रे.....

बरसों के कर्म तुम्हारे आसान नहीं है भुलाने रे,
राजा बनकर तुम लोगो ने दुनिया को रुलाया रे,
पूर्व से अब सूर्य उगेगा और राजा ना अब कोई रहेगा...
आया रे लोगो....ओबामा आया रे.....

Sachin Jain

पूर्व से अब सूर्य उगेगा..........this represents that now India will show the world the path of leadership but not as a king but all will be same and have equal opportunities.......:) hoping that there will be no 3rd world country........

I have taken some inspiration from the thoughts of Kannan, Please read at http://kannaswisdomorlackofit.blogspot.com/2009/01/blog-post.html

Wednesday, December 31, 2008

नया साल है लेकिन अपना वही हाल है.....

नया साल है लेकिन अपना वही हाल है,

नए सपने का फिर बुना जंजाल है, पुरानो सपनो का भी भंडार है,
नया साल है लेकिन अपना वही हाल है....

सरकारों की वही चाल है, सबकी अपनी रोटी दाल है,
नया साल है लेकिन अपना वही हाल है,

महंगाई की वही मार है, ना सबको यहाँ अब रोज़गार है,
नया साल है लेकिन अपना वही हाल है,

जोश का भी कहाँ सवाल है, भय का चारो और हाल है,
नया साल है लेकिन अपना वही हाल है,

ओबामा का हर जगह नाम है और जूतों का भी नया आयाम है,
नया साल है लेकिन अपना वही हाल है,

दिल अब भी बेकरार है, शहनाई का इंतज़ार है,
नया साल है लेकिन अपना वही हाल है,

करने अभी बहुत काम है, आराम का न नामोनिशान है,
नया साल है लेकिन अपना वही हाल है,

कलम की भी शान बढ़ानी है, लोगो को कविताएँ पढ़वानी है,
नया साल है लेकिन अपना वही हाल है.......

SACHIN JAIN

Thursday, December 25, 2008

हर दिन नई बात, हर शाम नए ख्यालात,

हर दिन नई बात, हर शाम नए ख्यालात, फिर एक नई रात और फिर एक नया सपना...............हर रात एक नया सपनाहर दिन नई बात, हर शाम नए ख्यालात, फिर एक नई रात और फिर एक नया सपना...............हर रात एक नया सपना